झूलाघाट (पिथौरागढ़)। युवाओं ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झूलाघाट में तैनात फार्मेसिस्ट पर अस्पताल के बजाय मरीजों को बाहर से दवाई खरीदने के लिए भेजने का आरोप लगाया। इसे लेकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
कहा कि शुक्रवार को नेपाल से पेटदर्द की शिकायत पर एक मरीज झूलाघाट अस्पताल आया। आरोप लगाया कि डॉक्टर द्वारा लिखी दवाई अस्पताल में नहीं होने का हवाला देते हुए फार्मेसिस्ट ने दवाई बाहर से लेने को कहा। मरीज द्वारा इसकी जानकारी साथियों को देने पर युवा भड़क गए।
हेमंत पंगरिया, दिनेश भट्ट, नीरज चंद, सागर चंद, रोहित सिंह धामी, भूपेंद्र राम, प्रमोद चंद, अनिल चंद, यशु श्रेष्ठ ने प्रदर्शन किया। इधर, महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने भी फार्मेसिस्ट पर बाहर से दवाएं लिखने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा है।
अस्पताल में लगभग सभी दवाएं उपलब्ध हैं। जांच के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं दी जाती हैं। किसी भी मरीज को बाजार से दवाएं खरीदने को नहीं कहा जाता है। -डॉ. सचिन प्रकाश, प्रभारी चिकित्साधिकारी, एपीएचसी झूलाघाट।
अस्पताल प्रबंधन के पक्ष में आए लोग
झूलाघाट। अस्पताल के फार्मेसिस्ट पर लगे आरोपों के बाद उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव जोशी और कानड़ी गांव के लोग अस्पताल प्रबंधन के पक्ष में आ गए हैं। डीएम एवं सीएमओ को भेजे पत्र में उनका कहना है कि कुछ लोग अपने स्वार्थ को लेकर अस्पताल के कर्मचारियों पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि सीमांत क्षेत्र में सभी स्वास्थ्य कर्मी नियमित सेवाएं दे रहे हैं।