झूलाघाट (पिथौरागढ़)। भारत-नेपाल सीमा पर बसे झूलाघाट सहित दर्जनों गांवों को 3जी की सुविधा देने के लिए बन रहे बीएसएनएल के टावर का काम पांच माह से बंद पड़ा है। इससे लोगों में निराशा है।
सीमांत के झूलाघाट कस्बे से लिए अब तक अलग से कोई टावर नहीं लग पाया है। यहां के लोग अब तक लैंडलाइन सेवा और मजिरकांडा टावर से ही मोबाइल सेवा ले रहे हैं। यहां के कुछ ही क्षेत्रों में बीएसएनएल के सिग्नल आ पाते हैं। हाल ही में एक निजी कंपनी ने मजिरकांडा में टावर लगाना शुरू किया। इस टावर का काम भी एक महीने बाद बंद कर दिया।
वहीं, झूलाघाट, गेठिगाड़ा, तालेश्वर, कानड़ी, सीमू, बल्तड़ी आदि गांवों को बीएसएनएल की 3जी की सुविधा दिलाने के लिए अक्तूबर में झूलाघाट बाजार के एक मकान में टावर भी लगने लगे थे, लेकिन पांच महीने से ज्यादा समय होने के बाद भी टावर का काम पूरा नहीं किया गया है। बीएसएनएल के मंडलीय अभियंता एसएन रावत ने बताया कि टावर का सामान झूलाघाट पहुंचाया जा रहा है। जल्दी ही टेक्निकल टीम झूलाघाट जाकर टावर का काम पूरा करेगी और थ्रीजी सेवा शुरू हो जाएगी।
हॉटस्पाट सेवा मिलेगी
जहां पर बीएसएनएल की लैंडलाइन सुविधा नहीं है या उससे जुड़े क्षेत्रों में किसी भी कंपनी के सिग्नल काम नहीं करते हैं। वहां पर हॉटस्पाट की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके पहले चरण में जाजरदेवल, वड्डा और झूलाघाट में हॉटस्पाट सेवा शुरू होगी। बीएसएनएल के उपमंडलीय अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि इन स्थानों पर हॉटस्पाट के लिए उपकरण पहुंच चुके हैं, जल्दी ही अल्मोड़ा से टेक्निकल टीम आकर हॉटस्पाट स्थापित करेगी।