पिथौरागढ़। सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बावजूद पिथौरागढ़ जिले में वाहनों में हाइबीम का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। पुलिस ने अब तक हाइबीम के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया। हाइबीम का प्रयोग रात में ही होता है इस कारण अब तक यह अभियान नहीं चल पाया है।
1988 में बने केंद्रीय मोटरयान नियमावली 106 के तहत कोई भी बड़ा या छोटा वाहन गाड़ी की लाइट को रात्रि में हाइबीम (दूर तक लाइट) में नहीं चलाएगा। इस एक्ट में यह भी लिखा हुआ है कि किसी भी वाहन की लाइट का लैंस ऐसे न जलाया जाए, जिससे सामने के व्यक्ति की आंखें चौंधिया जाएं और इस कारण उसकी आंखों की रोशनी चली जाए। इसी कारण सभी वाहनों में हाइबीम और लो-बीम कंपनी से ही तैयार किया जाता है।
सुप्रीमकोर्ट ने इस नियम का सख्ती से पालन कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को आदेशित किया था। साथ ही वाहनों के शीशों में काले रंग की फिल्म न लगाने संबंधी आदेश भी जारी किए थे। अब वाहनों के शीशों में काले रंग की फिल्म तो नहीं दिखाई देती, लेकिन पिथौरागढ़ नगर और जिले के सभी मार्गों पर वाहन चालक बेधड़क हाइबीम में लाइट जलाते हुए चलते हैं। नगर के चंडाक रोड पर वाहन चालक रात को ही नहीं बल्कि सुबह भी हाइबीम में गाड़ी चलाते हुए दिख जाते हैं। इस कारण सुबह घूमने जाने वालों को परेशानी होती है।
नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) नवीन सिंह ने कहा कि मोटरयान नियमावली का सख्ती से पालन कराने के लिए अब पुलिस के साथ मिलकर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो चालक नियमों का उल्लंघन करते मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वाहनों में हाइबीम का प्रयोग गैरकानूनी है।
वाहन चालकों को पहले जानकारी देंगे
पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल ने कहा कि पुलिस विभाग हाइबीम में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। यातायात प्रभारी को कहा गया है कि पहले वाहन स्वामियों को इस संबंध में जानकारी दें। एक सप्ताह बाद भी कोई वाहन स्वामी हाइबीम में वाहन चलाते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।