धारचूला (पिथौरागढ़)। कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से आयोजित तीन दिनी घोड़े वालों और मजदूरों (पोनी, पोर्टर्स) के प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया है। समापन समारोह में प्रशिक्षित घोड़े वालों और मजदूरों ने मॉकड्रिल का भी प्रदर्शन किया। इस दौरान सूचना आदान प्रदान, राहत, बचाव आदि की बेसिक जानकारी हासिल की।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि एसडीएम आरके पांडे ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के आपदा के समय यात्रियों के साथ सबसे पहले घोड़े वाले और मजदूर ही उपलब्ध होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित घोड़े वाले एवं मजदूर तैनात होने पर आपदा के दौरान राहत और बचाव में मदद मिलेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालयों में भी आयोजित होने चाहिए।
यात्राधिकारी आरसी जोशी ने बताया कि शिविर में 450 से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया तथा सभी सफल रहे। एसडीआरएफ के उपनिरीक्षक संजय उप्रेती ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान दो उपनिरीक्षक एवं 23 जवानों ने घोड़े वालों और मजदूरों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान नदी में तैरना, पहाड़ पर चढ़ना, स्ट्रेचर का उपयोग, प्राथमिक चिकित्सा पर गहन जानकारी दी गई। इस अवसर पर तहसीलदार आईबी मल्ल, केएमवीएन के वरिष्ठ प्रबंधक गोपाल बिष्ट आदि उपस्थित थे।