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आदीचौरा क्षेत्र में छह माह से पेयजल का संकट

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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सरकार एक तरफ तो गांव से पलायन रोकने की बात करती है, दूसरी तरफ किसी प्रकार की सुविधा गांव वालों को नहीं दी जाती है। ऐसे में लोग गांव नहीं छोड़ेेंगे तो क्या करेंगे। आदीचौरा क्षेत्र के पांच गांवों के लोग छह माह से पेयजल संकट झेल रहे हैं। आपदा के समय गांव की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई थी। गांव के लोग विभाग के सामने कई बार इस समस्या को रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परेशान होकर गांव वालों ने अब गांव छोड़ने की धमकी दी है।
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मई में आदीचौरा-घनधूरा पेयजल योजना कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस कारण पेयजल सप्लाई ठप हो गई। बारिश के सीजन में तो लोगों ने प्राकृतिक स्रोतों के सहारे पानी का इंतजाम कर लिया था, लेकिन अब स्रोतों का पानी सूखने लगा है। इस कारण लोग गंभीर संकट में हैं। लोगों को तीन किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। महिलाएं तो दिनभर पानी ढोने में ही जुटी रहती हैं।

जल निगम की देखरेख वाली इस पेयजल योजना से आदीचौरा कस्बे के अलावा हुनेरा, हुमकापीटा, काफलीगैर, चुपड़ाखेत गांवों को पानी की आपूर्ति होती है। पूरे क्षेत्र में इस पेयजल योजना के अलावा कोई स्थायी प्राकृतिक स्रोत भी नहीं है। जो लोग संपन्न हैं, वह वाहनों से पानी ढो रहे हैं। गरीब परिवारों के सामने गंभीर समस्या आ गई है। हुनेरा के बलवंत सिंह मेहरा ने बताया कि यदि 15 दिन में इस क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत नहीं की गई तो लोग गांव छोड़ देंगे। इसी तरह की बातें काफलीगैर, चुपड़ाखेत, हुकमापीटा के लोगों ने भी कही है।
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जल निगम के सहायक अभियंता शुभम द्विवेदी ने बताया कि इस 14 किमी लंबी इस पेयजल योजना की मरम्मत के लिए आपदा मद से धनराशि की मांग की गई है, लेकिन अब तक शासन से धन नहीं मिला है। इसी कारण योजना की मरम्मत नहीं हो पाई है।
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