पांच दिन से मिलम में फंसे छह स्थानीय लोगों के साथ-साथ कुल 25 लोगों को सोमवार सुबह हेलीकाप्टर से मुनस्यारी लाया गया। भव्य भास्कर पत्रिका के संपादक शैलेंद्र सक्सेना समेत छह स्थानीय लोग नौ जुलाई को हेलीकाप्टर से मिलम गए थे। इनको अगले दिन हेलीकाप्टर से वापस आना था लेकिन मौसम खराब होने से हेलीकाप्टर मिलम नहीं जा पाया।
सोमवार सुबह मौसम साफ होते ही हेलीकाप्टर ने मिलम के लिए उड़ान भरी। वहां से 25 लोगों को मुनस्यारी लाया गया। सभी लोगों ने आने का किराया 2500 रुपये का भुगतान किया। बाद में एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा के निर्देश पर हेलीकाप्टर ने रालम के लिए उड़ान भरी। रालम 83 लोगों के फंसे होने की सूचना थी। रालम को जोड़ने वाला लिंगुरानी पुल बहने से लोग वापस नहीं आ पा रहे थे। इस बीच आईटीबीपी ने रविवार को 25 लोगों को लिंगुरानी नाले से सुरक्षित पार कराया, जबकि स्कूली बच्चे पहले ही मुनस्यारी आ गए थे। रालम में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला जो आवश्यक रूप से हेलीकाप्टर से आना चाहता हो।
एसडीएम ने बताया कि हेलीकाप्टर से रिलकोट और मर्तोली में 2.5 क्विंटल चावल और इतना ही गेहूं दोनों स्थानों पर गिराया गया है। मल्ला जोहार क्षेत्र में रास्ते और पुल बहने के कारण अब कोई भी व्यक्ति फंसा नहीं है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम को देखते हुए फिलहाल लोगों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।