पिथौरागढ़ । केंद्र सरकार की ओर से वाइब्रेंट विलेज फेज-दो में सीमांत जिले के 24 और गांवाें का चयन किया गया है। इससे इन गांवों में विकास की उम्मीद बढ़ गई है। जिले में अब कुल 51 वाइब्रेंट विलेज हो गए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से पहले चरण में धारचूला स्थित दारमा के वालिंग, दर, दुग्तू, खिमलिंग, मार्छा, सेला, सीपू, सोबला और तिदांग और व्यास घाटी के गर्ब्यांग, गुंजी, कुटी, नपलच्यू, नाबी, रोंगकोंग का चयन किया गया। मुनस्यारी स्थित जोहार घाटी के बिल्जू, बुर्फू, मर्तोली, मिलम, पांछू, रिलकोट, टोला, रालम, मापा, लास्पा और कनालीछीना ब्लॉक के अमली, बडेरा समेत कुल 27 गांव चयनित किए गए थे। अब दूसरे चरण में धारचूला के फिलम, कालिका, रमतोली, धारचूला देहात, जुम्मा, स्यांकुरी, जयकोट, पांगला, बुदि, खेत और कनालीछीना के बगड़ीहाट, द्वालीसेरा, ड्योड़ा, तीतरी, चमतोली गांवों का चयन किया गया है। इनके अलावा मूनाकोट ब्लॉक के बलतड़ी, गेठीगाड़ा, हल्दू, जमतड़ी, कनारी, क्वीतड़, तड़ेमियां, तड़ी गांव, रज्यूड़ा को भी वाइब्रेंट विलेज में शामिल किया गया है। पहले चयनित 27 गांवों में 3.19 करोड़ रुपये की लागत से 1300 सोलर लाइटें लगाई जा रही हैं। इन गांवों में 16 करोड़ रुपये से सामुदायिक हॉल, पुलिया, ट्रैकिंग मार्ग समेत आधारभूत अवस्थापना के कार्य किए जा रहे हैं।
कोट:
वाइब्रेंट विलेज फेज-दो में चयनित गांवों में विकास कार्यों के लिए विभागों से प्रस्ताव लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सभी चयनित गांवों में मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। - डॉ. दीपक सैनी, मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ़