पिथौरागढ़। वर्ष 1979 में यूकेडी का गठन हुआ। उस समय उत्तराखंड के कद्दावर नेता हेमवती नंदन बहुगुणा किसी भी दल में नहीं थे। 1980 में जनता पार्टी की सरकार बनी। उस समय तक बहुगुणा ने यह तय नहीं किया था कि वह कांग्रेस में जाएंगे। नैनीताल में उनका कार्यक्रम था। यूकेडी के अध्यक्ष डॉ. डीडी पंत, भुवन पांडेय और काशी सिंह ऐरी ने चाय पार्टी में उनसे मुलाकात की। चाय पर चर्चा के दौरान बहुगुणा ने यूकेडी के गठन और नौजवानों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
बहुगुणा ने डॉ. पंत से कहा कि आपने उक्रांद का गठन कर सही काम किया है। यदि आप राज्य की मांग नहीं करेंगे तो हम भी कुछ नहीं कर पाएंगे। नौजवानों को आगे बढ़ाइए, एक दिन राज्य जरूर बनेगा। इसके बाद रामलीला मैदान में बहुगुणा की जनसभा थी। इसकी अध्यक्षता डॉ. डीडी पंत कर रहे थे। जनसभा के दौरान बहुगुणा ने अचानक पासा पलट दिया। कहा कि डॉ. पंत यहां मौजूद हैं। अलग राज्य की बात कर रहे हैं, जो कि ठीक नहीं है। इस पर डॉ. पंत परेशान हो गए।
वह जनसभा से उठने को हुए तो ऐरी ने उन्हें समझाया और कहा कि बहुगुणा चाय पर चर्चा के दौरान दिल से अलग राज्य की बात कर गए हैं। यह सार्वजनिक सभा है, इसमें उनको वहीं कहना है जो राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें ठीक लगा। उन्होंने नौजवानों को आगे बढ़ाने का संदेश देकर अलग राज्य की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने का आशीर्वाद दिया है। इस पर डॉ. पंत शांत हुए और पूरी जनसभा तक मैदान में बैठे रहे। ऐरी कहते हैं, राज्य मिला लेकिन अभी सपने पूरे नहीं हुए हैं। उनका कहना है कि सभी लोगों को मिलकर राज्य के विकास के लिए मेहनत से कार्य करना होगा।