पिथौरागढ़। जीएसटी लागू होने के बाद इस बार के बजट में वस्तुएं व उत्पाद के सस्ता होने को लेकर आम जन के बीच कोई खास आकर्षण नहीं है। चूंकि अब अप्रत्यक्ष कर वाला हिस्सा जीएसटी के हवाले है। परिषद ही मूल्यों का निर्धारण कर रही है। अलबत्ता केंद्र से रोजगार, औद्योगिक निवेश, कृषि विकास, आयकर स्लैब घटाने, केंद्रीय योजनाओं में धन आवंटन बढ़ाने की उम्मीदें बरकरार हैं। बजट को लेकर अमर उजाला ने आम लोगों से बात की और उम्मीदें जानी।
बजट में विशेष पैकेज मिलना चाहिए
पिथौरागढ़। कुमौड़ निवासी जानकी खाती का कहना है कि जिले में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन उचित प्रोत्साहन नीति के अभाव में पिछड़ा है। इस बार बजट में विशेष पैकेज मिलना चाहिए। इससे रोजगार के साधन विकसित होंगे और आर्थिकी बढ़ेगी।
रोजगार बढ़ाने की दिशा में काम हो
पिथौरागढ़। कुमौड़ निवासी नीमा दिगारी का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। जबकि इसकी तुलना में आय और रोजगार के साधनों का विकास नहीं हो पा रहा है। केंद्र को रोजगार बढ़ाने की दिशा में बजट में कुछ खास प्रावधान करने चाहिए। इससे दिनोंदिन बढ़ती मंहगाई से बड़ी हद तक निजात मिलेगी।
कृषि विकास पर ध्यान देने की जरूरत
पिथौरागढ़। निराड़ा निवासी रीता भट्ट का कहना है कि बजट में कृषि विकास को लेकर उचित प्रोत्साहन और कारगर योजनाओं की जरूरत है। साथ ही किसानों को कर्ज माफी मिलनी चाहिए। जिले में कृषि व बागवानी विकास की अच्छी संभावना है। कृषि विकास से खाद्य पदार्थों, सब्जी आदि के दाम नियंत्रित होंगे।
केंद्रीय योजनाओं में धन बढ़ाया जाए
पिथौरागढ़। निराड़ा निवासी प्रीति भट्ट का कहना है कि महंगाई को देखते हुए आयकर स्लैब को कम किया जाना चाहिए। इससे मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा को कुछ हद तक राहत मिलेगी। केंद्रीय योजनाओं में धन आवंटन को भी बढ़ाया जाना चाहिए। इससे योजनाओं का दायरा बढ़ेगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।