पिथौरागढ़। नवनियुक्त पुलिसकर्मियों की कार्यशाला में कहा गया कि किसी भी अपराध की विवेचना के समय वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, ताकि उस मामले से संबंधित सभी तथ्य सही ढंग से सामने आ सकें और आरोपी को सजा मिल सके। पुलिस लाइन में विवेचनाओं की गुणवत्ता और थानों के प्रबंधन पर हुई कार्यशाला में सेवानिवृत्त निरीक्षक हरीश चंद्र पंडा ने सबसे पहले विवेचनाओं में सुधार की जरूरत बताई। कहा कि विवेचनाएं कमजोर हों तो पुलिस का पक्ष भी ढीला हो जाता है।
उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी देने, मानवाधिकार संरक्षण, महिलाओं पर होने वाले अपराधों की रोकथाम, पुलिस और जनता के मध्य सरल संवाद पर विभिन्न जानकारियां दी। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस मौके पर बीट पर प्रभावी ढंग से ड्यूटी करने, सुरागों का सही ढंग से पता लगाने, सामुदायिक पुलिसिंग पर काम करने पर चर्चा हुई।
पुलिस उपाधीक्षक शेखर सुयाल ने कार्यशाला में नवनियुक्त उपनिरीक्षकों, मुख्य आरक्षियों, आरक्षियों को कई तरह की जानकारी दी। कहा कि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली मजबूत होगी और जनता में भी सकारात्मक असर जाएगा।