रोडवेज का अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ेंगे
पिथौरागढ़। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में कहा गया कि अब कर्मचारी रोडवेज का अस्तित्व बचाने की लड़ाई खुद लड़ेंगे। प्रदेश में डग्गामारी का विरोध जारी रखने, रोडवेज के प्रबंधन के स्तर पर की जा रही घपलेबाजी की जांच करने की मांग उठाई गई। कहा गया कि रोडवेज प्रबंधन लगातार अनुबंधित और वाल्बो बसों को बढ़ावा दे रहा है, यह संदेह का विषय है।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह जीना की अध्यक्षता और प्रदेश मंत्री राम चंद्र रतूड़ी के संचालन में हुई बैठक में कहा गया कि परिवहन निगम में जिस तरह छोटे कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाती है, उसी तरह उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए। बाह्यस्रोत से भर्ती कर्मचारियों को नियमित करने, बसों के लिए समय पर टायर तथा अन्य सामग्री की व्यवस्था करने, मृतक आश्रितों को देयकों का भुगतान करने जैसी मांग उठाई गई। रोडवेज का अस्तित्व बचाने के लिए सभी संगठनों का संयुक्त मोर्चा बनाने और आंदोलन का फैसला लिया गया।
बुधवार को इसी क्रम में पिथौरागढ़ बस स्टेशन में सभा होगी। बैठक में संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीसी लोहनी, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश गुसांई, मोहन भंडारी, शिवनारायण तिवारी, कैलाश मुरारी, प्रेम सिंह रावत, उमेश भट्ट, जेसी शर्मा, भुवन पांडे समेत भारी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।