झूलाघाट (पिथौरागढ़)। लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने के लिए खोले गए बड़ालू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अब अस्पताल के एक कर्मचारी ने मुर्गीपालन शुरू कर दिया है। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं अन्य लोगों को गंदगी और दुर्गंध से खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों ने कहा है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने शीघ्र इसे नहीं हटाया तो आंदोलन किया जाएगा।
मूनाकोट ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ालू में एक वर्ष पहले ही डॉक्टरों के आवासीय भवन की पांच लाख रुपये की लागत से मरम्मत की गई थी। डॉक्टरों के लिए बनाए गए आवासीय भवन में डॉक्टर तो नहीं रहते, परंतु इस भवन में रहने वाले अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने इसमें मुर्गियां पाल दी हैं। अस्पताल से सटे भवन में मुर्गी पालने से जहां अस्पताल में आने वाले मरीजों को गंदगी से परेशानी हो रही है, वहीं अस्पताल के चारों ओर गंदगी होने लगी है।
लाखों रुपये की लागत से मरम्मत किए गए आवासीय भवन में मुर्गीपालन होने से जहां एक ओर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के मानकों की अनदेखी भी हो रही है। मूनाकोट-गौरीहाट न्याय पंचायत संघर्ष समिति ने इसके खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष चंचल सिंह ने कहा कि अस्पताल परिसर से मुर्गियां हटाने और ऐसा करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा गया है। यदि अस्पताल से मुर्गियां नहीं हटाई गई तो अस्पताल परिसर में ही धरना दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी डा. उषा गुंज्याल ने यह जानकारी मिलने के बाद बड़ालू अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा है। कहा है कि अस्पताल परिसर से शीघ्र मुर्गियों को हटाया जाए और ऐसा करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय से एक टीम बड़ालू भेजी जा रही है।