पिथौरागढ़। प्रदेश सरकार धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग जाने वालों का हेलीकॉप्टर किराया कम करेगी। हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ लेने वालों का पहले परीक्षण किया जाएगा। यदि वह बुजुर्ग, बीमार और जरूरतमंद है तो उसे किराए में छूट दी जाएगी। गुंजी, गर्ब्यांग तक सैर-सपाटे की मंशा से जाने वालों को यह सुविधा नहीं मिल पाएगी। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने स्वीकार किया कि धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग का पांच हजार रुपये किराया अधिक है। इसे गरीब लोग वहन नहीं कर सकते।
अमर उजाला ने इस मुद्दे पर 30 सितंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद शनिवार को धारचूला के कुछ लोगों ने मंत्री के सामने यह मुद्दा रखते हुए कहा कि किराया पांच हजार के बजाय 2500 रुपये कर दिया जाए। पंत ने कहा कि किराए की राशि कम करने पर विचार किया जाएगा। वह देहरादून जाकर मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता करेंगे और जल्द ही किराए में छूट का आदेश जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल गुंजी और गर्ब्यांग के लिए हेलीकॉप्टर सेवा जारी रहेगी। अब उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों से लोगों का घाटियों की तरफ उतरने का क्रम शुरू होगा। कई स्थानों पर पैदल रास्तों की हालत खराब है। उनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, बीमार को चलने में दिक्कत होगी।
प्रदेश सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा संपन्न होने के बाद दस दिन तक हेलीकॉप्टर सेवा बंद कर दी थी। शुक्रवार को हेलीकॉप्टर धारचूला पहुंच गया, लेकिन एक तरफ का एक व्यक्ति का किराया पांच हजार रुपये तय कर दिया था। इतना किराया गरीब लोग वहन कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। वित्त मंत्री ने किराया कम करने की सहमति देकर सीमांत के लोगों को राहत देने का काम किया है। उधर, धारचूला से गुंजी तक शनिवार को हेलीकॉप्टर ने दो उड़ान और गर्ब्यांग तक एक उड़ान भरी। शनिवार को किसी भी व्यक्ति से किराए की राशि नहीं ली गई।