पिथौरागढ़ जिला सभागार में जनता मिलन में समस्याएं सुनते डीएम और अधिकारी। स्रोत : सूचना विभाग
पिथौरागढ़। हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे कर करोड़ों की योजना बनाने के बाद भी लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। जिले के धारी गांव के ग्रामीणों को भी इसी दिक्कत से जूझना पड़ रहा है। जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों का दर्द छलका और उन्होंने डीएम से जल संकट से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि करोड़ों की आंवलाघाट योजना बनाने के बाद भी हमें पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में जनसुनवाई हुई। डीएम आशीष भटगांई ने लोगों की समस्याएं सुनीं। धारी गांव के 20 परिवारों के सदस्यों ने कहा कि लगभग एक वर्ष पूर्व आंवला घाट पेयजल योजना से नियमित जलापूर्ति शुरू की गई थी। बीते दिसंबर में कुछ अराजक तत्वों ने मुख्य पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस कारण अब पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जल निगम को स्थलीय निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने और अराजक तत्वों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने देवलथल के चमू पट्टी में पटवारी के ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायत की। डीएम ने संबंधित विभाग को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दियूड़ी के ग्रामीणों ने दिग्तोली से दियूड़ी तक सड़क पर डामर करने की मांग की। डीएम ने लोनिवि को इसका प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके अलावा लोगों ने पानी, सड़क, बिजली की समस्याएं उठाते हुए इनके समाधान की मांग की। वहां एसडीएम सदर मनजीत सिंह, पीडी आशीष पुनेठा सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिली रहे।
लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी
जनता मिलन कार्यक्रम के बाद डीएम ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए एल-1 स्तर और 36 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।