पिथौरागढ़। बरम क्षेत्र का मेतली गांव में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि सुविधाओं के अभाव में गांव से लगातार पलायन हो रहा है।
सोमवार को 100 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचे मेतली के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि चामी से मेतली की दूरी 10 किमी है। जंगल के रास्ते गांव तक पहुंचना पड़ता है। गांव में प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है। शिक्षक के अवकाश पर रहने पर स्कूल में ताला लटक जाता है। हाईस्कूल का संचालन तीन शिक्षक कर रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से नवजात शिशुओं को टीकाकरण के लिए 10 किमी दूर जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाएं उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर टीकाकरण के लिए 20 किमी की दूरी नापने को मजबूर रहती हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पीने के पानी की सुविधा भी नहीं है। सुविधाओं के अभाव में अधिकांश परिवार शहरों की ओर पलायन कर चुके हैं। यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो चुनाव बहिष्कार किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में हेमा देवी, मीना देवी, विमला, माया, नारू, भगत सिंह, खगेंद्र, राजेंद्र, खीम सिंह, प्रेम सिंह, शेर सिंह, बसंत सिंह, मनोज सिंह आदि शामिल थे।
कनार के ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
पिथौरागढ़। कनार गांव तक सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों में नाराजगी है। नव युवक मंगल दल के अध्यक्ष भरत सिंह परिहार के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे क्षेत्रवासियों ने इस उपेक्षा के खिलाफ चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी दी। हेमंती देवी, विक्रम सिंह, मदन सिंह, इंद्र सिंह, टीका सिंह, जगत सिंह, कुंदन सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि कनार तक पहुंचने के लिए 20 किमी का पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 14 नवंबर 2017 को जौलजीबी मेला उद्घाटन के अवसर पर सड़क की घोषणा की थी लेकिन आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इस उपेक्षा से पूरे क्षेत्र की जनता नाराज है। सभी क्षेत्रवासियों ने लोक सभा चुनावों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।