धारचूला(पिथौरागढ़)। नोटीफाइड एरिया को छिलालेख से पुन: जौलजीबी लाने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीति दलों, छात्र संघ और टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में आंदोलन की रणनीति तय करते हुए 18 फरवरी से क्रमिक अनशन शुरू करने और 24 फरवरी को जौलजीबी में चक्का जाम करने का निर्णय लिया गया।
शुक्रवार को रं म्यूजियम में जौलजीबी के व्यापारियों के साथ नोटीफाइड एरिया को लेकर विचार विमर्श किया गया। अखिल भारतीय युवा संगठन और दीलिंग दारमा सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। धारचूला में लगातार बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ रही है।
धारचूला बचाने के लिए नोटीफाइड एरिया जौलजीबी किया जाना जरूरी है। बैठक में पूरन सेलाल, अशोक नबियाल,कृष्णा गर्ब्याल, नारायण दरियाल, धीरेंद्र धर्मशक्तू, दौलत पाल, रुप सिंह दानू, पूरन ग्वाल, देवकृष्ण फकलियाल, ओपी कापड़ी, बीडीसी सदस्य पूरन धामी, अनवाल समुदाय अध्यक्ष गुमान बिष्ट, संदीप बोरा, दिनेश चलाल और उर्मिला गुंज्याल सहित कई लोग मौजूद थे।