पिथौरागढ़। व्यवस्था ने शव के साथ संवेदनहीनता दिखाई। पंचनामे के इंतजार में एक किशोरी का शव तीन दिन घर पर पड़ा रहा। हड़ताल के चलते राजस्व पुलिस ने मौके से दूरी बनाई थी। दूसरी ओर रेगुलर पुलिस ने भी घटना के बाद औपचारिकताएं पूरी करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। तीसरे दिन शव का पंचनामा भरा जा सका।
जिला मुख्यालय से लगभग 15 दूर सौडलेख गांव में 9 मार्च को नेपाली मूल की 14 वर्षीय किशोरी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। यह क्षेत्र राजस्व पुलिस के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी। 9 मार्च से ही राजस्व पुलिस की हड़ताल शुरू हुई थी। सूचना मिलने के बाद भी राजस्व पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। परिजन शव के साथ तीन दिन तक इंतजार करते रहे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनशीलता नहीं जागी।
वहीं, पटवारियों की हड़ताल और आत्महत्या की सूचना के बाद रेगुलर पुलिस ने भी शव को देखने तक की जहमत नहीं उठाई। आखिरकार तीसरे दिन नायाब तहसीलदार भूपाल दत्त भट्ट मौके पर पहुंचे और शव का पंचनामा भरा। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। नायब तहसीलदार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक ने जहरीले पदार्थ से मौत की आशंका जताई है। विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है।