डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर शनिवार को 9वां दल भी रवाना हो गया। डीडीहाट पर्यटक आवासगृह में यात्रियों को भट के डुबके, भांग की चटनी, पहाड़ी लौकी, बैगन, तोरई की सब्जी, स्थानीय लाल चावल की खीर परोसी गई। इस सीजन में स्थानीय सब्जियां पैदा होती हैं। पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक आनंद आर्या ने बताया कि यात्रियों को स्थानीय सब्जियों का स्वाद चखाया गया। उसके बाद आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय पहुंचे यात्रियों का छलिया दल के साथ स्वागत हुआ। अपरान्ह को यात्री आधार शिविर धारचूला रवाना हो गए।
9वें दल के जनसंपर्क अधिकारी पोनूराज वैज्यूसमी ने बताया कि दल में 19 महिलाओं सहित कुल 57 यात्री कैलाश पर्वत के दर्शन और मानसरोवर झील में स्नान को जा रहे हैं। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में सेनानी महेंद्र प्रताप के नेतृत्व में दल का स्वागत किया गया। सभी यात्री छलिया दल के साथ जमकर थिरके। सेनानी ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में पैदल रास्तों पर बरती जाने वाली सावधानियों और बदलते मौसम की जानकारी दी।
आईटीबीपी के जवान सभी खतरनाक स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे। आईटीबीपी के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को यात्रियों का आठवां दल गुंजी में, सातवां दल तिब्बत के तकलाकोट, छठा कुगूं और पांचवां दल वापसी में बूंदी पहुंच गया है। 9वें दल के स्वागत के समय सहायक सेनानी कुलदीप सिंह, हरवंश लाल, गिरीश कुमार, डा. दीपक गोगई आदि अधिकारी और जवान मौजूद थे।