धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होने से पहले पुलिस-प्रशासन ने फैसला लिया था कि यातायात नियमों का पालन करने और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाया जाएगा, लेकिन ऐसा लगता है कि वाहन चालक और खुद यात्री पुलिस को ठेंगा दिखा रहे हैं। धारचूला से तवाघाट, रांथी, छिरकिला, पांगला जाने वाले वाहनों के अंदर तो यात्री ठूंस-ठूंसकर भरे होते हैं और वाहन के पीछे लटककर जाने वालों की संख्या भी कम नहीं है। धारचूला से पांगला तक की यह सड़क बेहद खतरनाक है। इसमें अक्सर पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है, लेकिन यात्रियों को इसकी भी परवाह नहीं है।
बताया गया कि पुलिस ने टीवी टावर और आर्मी तिराहे के पास वाहनों की चेकिंग का स्थान बना रखा है। इन स्थानों से पार होने के बाद वाहन चालकों की मनमानी शुरू हो जाती है। पुलिस की नजरों से बचने के लिए यात्री एक किलोमीटर दूर वाहनों के आने का इंतजार करते हैं, उसके बाद इन एकांत सड़कों पर मनमाना राज शुरू हो जाता है। कुछ वाहन चालकों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यदि वाहन के पीछे लटकने से किसी को मना किया गया तो वह मारपीट को उतारू हो जाते हैं। यह ओवरलोड वाहन मोड़ों पर बुरी तरह झुक जाते हैं। ऐसे में उनके पलटने का खतरा रहता है।
थाना प्रभारी ध्यान सिंह का कहना है कि अब ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। यदि किसी वाहन में ओवरलोडिंग या फिर वाहन के पीछे लटके हुए यात्री मिलेंगे तो वाहन को तत्काल सीज कर दिया जाएगा। साथ ही वाहन चालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।