नाचनी (पिथौरागढ़)। सरकारी स्कूलों के हालत इस कदर खराब हो गई है, इसका अंदाजा राजकीय इंटर कॉलेज धामीगांव को देखकर लगाया जा सकता है। इस विद्यालय में प्रवक्ताओं के सभी पद खाली हैं। प्रवक्ता न होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया है। राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ भी प्रवक्ताओं की कमी झेल रहा है।
राजकीय इंटर कॉलेज धामीगांव में प्रवक्ताओं के 9 पद सृजित हैं, लेकिन एक भी प्रवक्ता विद्यालय में तैनात नहीं किया गया है। किसी भी विषय का प्रवक्ता न होने से विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश चंद्र जोशी ने बताया है कि राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ में स्वीकृत प्रवक्ताओं के नौ पदों में से 8 पद रिक्त हैं।
गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, जीव विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रवक्ता न होने से बांसबगड़ जीआईसी में भी शिक्षण व्यवस्था चरमरा गई है। धामीगांव और बांसबगड़ के विद्यालय में दूर-दराज क्षेत्रों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। शिक्षक न होने से विद्यार्थियों का भविष्य चरमरा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावक आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं।