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बेड़ीनाग में खेल-खेल में गई बच्चे की जान

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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। चौकोड़ी में दस साल के एक बच्चे की मंगलवार शाम घर में खेल-खेल में गले में रस्सी का फंदा लगने से मौत हो गयी। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक चौकोड़ी के हिमालय इंटर कालेज में चौथी कक्षा का छात्र था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रीमा (बागेश्वर) निवासी भगत सिंह हिमाचल प्रदेश में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी प्रेमा राठौर अपने दो बच्चों के साथ चौकोड़ी में किराए के मकान में रहती हैं। रोज की तरह मंगलवार की शाम सात बजे प्रेमा राठौर कमरे में अपने बेटे वीरेंद्र राठौर (10), बेटी कोमल (5) व उनकी ममेरी बहन हिमानी (11) को छोड़ कर बाहर से ताला लगा कर पानी लेने गईं। कमरे में तीनों बच्चे खेलने लगे। खेल-खेल में वीरेंद्र खिड़की में लगी परदे की डोरी को गले में लपेट कर रोशनदान में चढ़ने का प्रयास करने लगा।
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इसी दौरान वह फिसल कर जमीन में गिर गया और डोरी का फंदा गले में कस गया। अन्य बच्चों ने किसी तरह फंदा काटा। बच्चों की मां प्रेमा कमरे में पहुंची तो उसने वीरेंद्र को बेहोश और अन्य बच्चों को रोते हुए पाया। यह देख कर वह बेसुध हो गयी। सूचना मिलने पर पड़ोसी पहुंचे। उन्होंने दैवीय प्रकोप समझ कर विभूति लगाई। बाद में बच्चों के नाना गुलाब सिंह महरा, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश चुफाल आदि ने उनसे पूछताछ की तो मामले का पता चला। वीरेंद्र के गले में रस्सी के निशान देख उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेड़ीनाग लाए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बुधवार को का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ भेज दिया है। हिमालय इंटर कालेज में बुधवार को शोक सभा के बाद अवकाश घोषित कर दिया गया। प्रधानाचार्या देवबाला बिष्ट, अध्यापक व काफी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे।
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भ्रामक खबर भी है बच्चे की मौत की वजह
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। चौकोड़ी में 10 साल के बच्चे की मौत के पीछे कुछ अन्य तथ्य भी हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में आसपास के इलाके में अज्ञात गिरोह के घूमने और उनके द्वारा बच्चों को बेहोश कर उनकी किडनी निकालने संबंधी खबरें वायरल हो रही हैं। इस कारण यहां लोग दहशत में हैं। शायद इसी कारण बच्चों की मां कमरे के बाहर ताला लगा कर पानी लेने गईं। अगर कमरा खुला रहता तो पड़ोसियों को मामले की सही वस्तुस्थिति पता चलने पर समय से उपचार मिल जाता जिससे बच्चे की जान बच सकती थी। इसके अलावा मौके पर पहुंचे लोगों ने अंधविश्वास के चलते विभूति व अन्य प्रक्रियाओं के बजाय जल्दी अस्पताल पहुंचाने की पहल की होती तो शायद इस घर का चिराग बुझने से बच जाता। थाना प्रभारी बलवंत कांबोज ने बताया कि सोशल मीडिया में भ्रामक खबरें चलाने वालों के खिलाफ साइबर एकल्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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