पिथौरागढ़। विकासखंड कनालीछीना के ग्राम ढटखोला निवासी बेरोजगार कमल किशोर ने स्वरोजगार के लिए बैंक से पांच लाख रुपये कर्ज लेने का आवेदन किया था। उद्योग विभाग ने यह कर्ज स्वीकृत भी कर दिया, लेकिन बैंक ने तब तक कर्ज की राशि देने से इनकार कर दिया, जब तक जमानत के 1.5 लाख रुपये बैंक में जमा नहीं किए जाएंगे।
बेरोजगार कमल किशोर का कहना है कि यदि उसके पास जमानत के 1.5 लाख रुपये देने के लिए होते तो बैंक से कर्ज लेने की जरूरत ही क्यों पड़ती। कमल किशोर का कहना है कि सरकार स्वरोजगार अपनाने के लिए अलग तरह की घोषणा करती है और बैंकों के नियम अलग रहते हैं। इसी अड़चन के कारण चाहते हुए भी युवा स्वरोजगार की दिशा में कदम नहीं रख पा रहे हैं।
उन्होंने उद्योग विभाग और बैंक में जाकर कहा कि इतनी अड़चनों के बाद मिलने वाला कर्ज उसे नहीं चाहिए, लेकिन सरकार से यह आग्रह भी किया है कि नियमों को सरल बनाया जाए, ताकि सभी लोगों को इसका फायदा हो सके। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार और बैंकों की नीति तथा नियम सही नहीं हैं।