थल-डीडीहाट सड़क बंद होने से पैदल निकलते लोग
- फोटो : अमर उजाला
थल से डीडीहाट जाने वाली सड़क को खोलने में एनएच के अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। 11 अगस्त की रात बादल फटने के दौरान कई स्थानों पर टूटी इस सड़क को नए सिरे से बनाना पड़ रहा है। छीड़ीगाड़ से आगे करीब दो किलोमीटर के दायरे में सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। लोग छीड़ीगाड़ तक डीडीहाट से वाहनों पर आ रहे हैं, वहां से पैदल सफर कर दूसरी तरफ आकर पमतोड़ी से थल के लिए वाहन पकड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क के सुधारीकरण के दौरान एनएच ने काफी पुराने कॉजवे बंद कर दिए और पानी के निकास के लिए स्क्रबर बना दिए। यही स्क्रबर इस बार सड़क के लिए घातक साबित हो गए।
एनएच ने सड़क की मरम्मत के लिए दोनों ओर से मशीनें और मजदूर लगा रखे हैं। अभी यह कहना मुश्किल है कि इस सड़क पर यातायात कब बहाल होगा। एनएच के अवर अभियंता बीसी जोशी ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए रात दिन काम किया जा रहा है। दो तीन दिन में सड़क छोटे वाहनों के लिए खोल दी जाएगी।
उधर, जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर बरम के गोसी नदी में वैली ब्रिज तो बन गया है, लेकिन देवीबगड़ के पास चट्टान टूटकर गिरने और घिंघरानी के पास मलबा पटने से अभी इस सड़क पर यातायात बहाल हो पाना संभव नहीं है। बंगापानी में 11 अगस्त से छह वाहन फंसे हुए हैं। जौलजीबी और मदकोट से मुनस्यारी जाने वालों के सामने इस समय गंभीर समस्या आ रही है। मदकोट और बंगापानी तहसील का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। सड़क बंद होने से ग्रामीण अंचलों में लोग खासे परेशान हैं।