जीएसटी पंजीकरण में रुचि दिखा रहे व्यापारी
पिथौरागढ़। इसे अच्छा संकेत ही कहा जाएगा कि प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत के गृह जिले पिथौरागढ़ में व्यापारी जीएसटी पंजीकरण के प्रति खासी रुचि दिखा रहे हैं। एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारी है। उसके बाद व्यापारियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य हो जाएगा। क्योंकि उनको दूसरे प्रदेश से लाए जाने वाले सामान पर जब टैक्स देना पड़ेगा तो उसे पंजीकरण अनिवार्य रूप से करना पड़ जाएगा।
जीएसटी पंजीकरण के लिए वाणिज्य कर विभाग ने तीन महीने से लगातार जागरूकता के अभियान चलाए। एक देश एक टैक्स से होने वाले फायदों की व्यापारियों को जानकारी दी। वाणिज्य कर विभाग ने व्यापारियों की दो श्रेणी तय की है। खंड ए में वह व्यापारी शामिल हैं, जो पांच लाख रुपये से अधिक का मासिक व्यवसाय करते हैं। ऐसे व्यापारियों की जिला मुख्यालय में कुल संख्या 1300 है। इनमें से अब तक 77 प्रतिशत यानि कि 1001 व्यापारियों ने जीएसटी पंजीकरण करा दिया है। पंजीकरण की प्रक्रिया अभी जारी है। खंड ए में वह व्यापारी आते हैं जो पहले से ही टैक्स का भुगतान करते रहते हैं।
खंड बी में व्यापारियों की पूरे जिले में संख्या 1400 है। इनमें से 65 प्रतिशत यानि कि 910 व्यापारियों ने अब तक पंजीकरण करा लिया है। यह व्यापारी अब तक किसी तरह के टैक्स का भुगतान नहीं करते थे और इनका व्यवसाय भी पांच लाख रुपये मासिक से कम है। वाणिज्य कर अधिकारी यूएस बिष्ट ने बताया कि जीएसटी पंजीकरण के लिए पूरे जिले में व्यापारियों को जागरूक किया गया। हर शहर और कस्बे में कैंप लगाए गए। जिन व्यापारियों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उनको एक जुलाई के बाद व्यापार करने में दिक्कत आएगी और पंजीकरण अनिवार्य रूप से करना पड़ेगा। फिलहाल की प्रगति से अधिकारी खुश हैं।
व्यापारियों ने जीएसटी के लिए उत्साह दिखाया
नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर का कहना है कि पिथौरागढ़ जिले के व्यापारियों ने जीएसटी पंजीकरण के लिए उत्साह दिखाया है। वह कहते हैं कि इस मुद्दे पर प्रत्यक्ष रूप से कोई विरोध सामने नहीं आया। व्यापारी जिस बात को अपने लिए उपयोगी मानते हैं, उसमें व्यापार मंडल भी सहयोग देता रहेगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी के फायदे या नुकसान का पता इसके लागू होने के बाद ही लग पाएगा। वह यह भी कहते हैं कि पहाड़ का व्यापारी ईमानदारी से काम करने का पक्षधर होता है। वह टैक्स चोरी जैसे गलत तरीके कभी नहीं अपनाता।