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पिथौरागढ़: खलिया बुग्याल में बगैर अनुमति के गाड़ दिए 18 अवैध टैंट, वन विभाग ने हटाए; 12 टैंट की थी मंजूरी

Wed, 21 Oct 2026 12:28 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

खलिया बुग्याल में बिना अनुमति 18 टैंट लगाकर पर्यटकों से मोटी रकम वसूलने के मामले में वन विभाग ने सात टूर ऑपरेटरों का चालान कर अवैध टैंट हटाए; अब ऑपरेटरों से वसूली होगी, जुर्माना न भरने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मुनस्यारी के खलिया बुग्याल में इस तरह लगाए जाते हैं टैंट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध खलिया बुग्याल में बगैर अनुमति अवैध तरीके से टैंट लगाने का मामला सामने आया है। टूर ऑपरेटरों ने वन विभाग की आंखों में धूल झोंककर बुग्याल में बगैर अनुमति के 18 टैंट लगा दिए और उनमें मोटी रकम लेकर पर्यटकों को ठहरा दिया। मामले की भनक लगी तो वन विभाग ने सात टूर ऑपरेटरों का चालान कर अवैध टैंट हटाए। अब वन विभाग संबंधित टूर ऑपरेटरों से वसूली करेगा। यदि ऑपरेटरों ने जुर्माना नहीं भरा तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

मुनस्यारी में प्रसिद्ध हरा-भरा खलिया बुग्याल जैव विविधता का मजबूत स्तंभ है। इस बुग्याल में दुर्लभ बुरांश, भोजपत्र के पेड़ों के साथ ही राज्य पक्षी मोनाल, हिरन सहित विभिन्न दुर्लभ पशु-पक्षियों की मौजूदगी है। यही कारण है कि यह बुग्याल पर्यटकों की पहली पसंद है। खलिया में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सिर्फ 12 टैंट लगाए जा सकते हैं जिनमें पर्यटक रात्रि में ठहर सकते हैं। इसके अलावा यहां पक्का निर्माण प्रतिबंधित है। टैंट लगाने वालों को वन विभाग से अनुमति लेकर शुल्क जमा करना अनिवार्य है। खलिया बुग्याल में कई टूर ऑपरेटरों ने बगैर अनुमति के लिए 18 टैंट लगा डाले और उनमें पर्यटकों को ठहराकर मोटा मुनाफा कमाते रहे। वन विभाग को इसकी भनक लगी तो टीम खलिया पहुंची तो टूर ऑपरेटरों का यह कारनामा सार्वजनिक हुआ। ऐसे में वन विभाग ने अवैध तरीके से टैंट लगाने वाले सात टूर ऑपरेटरों का चालान करते हुए अवैध टैंट हटाए हैं। वन विभाग जुर्माने का आंकलन कर रहा है। टूट ऑपरेटरों को जुर्माना भरना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

टैंट लगाने के लिए जमीन खोदकर बुग्याल को पहुंचाया जा रहा है नुकसान

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मुनस्यारी के मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मसक्तू ने बताया कि खलिया बुग्याल जैव विविधता का खजाना है जो पर्यावरण की दृष्टि से महत्ववूर्ण है। उन्होंने बताया कि खलिया में आए दिन जमीन खोदकर बुग्याल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसी बुग्याल से मुनस्यारी नगर के लोगों और यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की प्यास बुझाने के लिए पेयजल योजना बनी है। अवैध टैंट निर्माण से जल स्रोत भी दूषित हो रहा है जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अपने निजी लाभ के लिए अवैध टैंट लगाकर बु्ग्याल को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

खलिया बुग्याल में 30 टैंट मिले। साफ है कि बगैर अनुमति के 18 टैंट लगाए गए। संबंधित टूर ऑपरेटरों का चालान किया गया है। उन पर जुर्माना तय किया जाएगा। नेहा सौन, एसडीओ, वन विभाग, मुनस्यारी

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