पिथौरागढ़। विकास खंड बेड़ीनाग का दूरस्थ गांव सिमायल अब भी एक सड़क के लिए तरस रहा है। इस कारण गांव के कई लोग अन्यत्र पलायन कर चुके हैं। गांव को सड़क से जोड़ने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. दिवान सिंह दशौनी के पुत्र उमेद सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पत्र का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को याचिकाकर्ता को जवाब देने को कहा है।
उमेद सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि सड़क नहीं होने से सिमायल गांव की आधी से अधिक आबादी पलायन कर गई है। ग्रामीणों को अब भी करीब 10 पैदल चलना पड़ता है। कभी चार सौ परिवारों का गांव अब दो सौ में सिमट गया है। कहा कि ग्रामीण कई बार सड़क के लिए गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके अब तक आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिला।
आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के गांव को विकास से वंचित रखा गया है। लोगों को आवागमन एवं रोजमर्रा की चीजों को गांव तक पहुंचाने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि गांव तक सड़क बन जाती है तो इससे गनौरा, सेला, चामाचौड़ की जनता को भी लाभ मिलता। सेला भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. चंचल सिंह रावल का गांव है। यहां के ग्रामीणों को भी सड़क सुविधा न होने का मलाल है।