कनालीछीना (पिथौरागढ़)। ग्राम पंचायत ख्वांकोट के लिए बागनाथ-शक्तिपुर पेयजल योजना 2010 से बन रही है, लेकिन सात वर्ष बीतने के बाद भी योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। कार्यदायी संस्था पेयजल विभाग ने अधूरी बनी बागनाथ-शक्तिपुर पेयजल योजना जल संस्थान को सौंप दी है।
ख्वांकोट के प्रधान भूपेंद्र सिंह पोखरिया ने पेयजल विभाग पर खानापूर्ति का आरोप लगाते हुए कहा कि स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत बन रही बागनाथ-शक्तिपुर पेयजल योजना का काम पूरा नहीं होने से क्षेत्र के 400 परिवारों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पेयजल विभाग के अधिशासी अभियंता आरएस धर्मशक्तू नेे फोन पर बताया कि 2017 से योजना का कार्य जल संस्थान को सौंप दिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि अधूरी योजना का काम दूसरे विभाग को कैसे हस्तांतरित कर दिया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
प्रधान का कहना है कि अब तक ग्राम पंचायत ने कार्यपूर्ति का प्रमाण पत्र भी विभाग को नहीं दिया है और विभाग ने योजना को दूसरे विभाग को कैसे हस्तांतरित कर दिया। बताया कि योजना में विभाग अब तक 1 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध कराने में विभाग नाकाम साबित हुआ है। 2017 में विभाग ने योजना की मरम्मत का कार्य कराया था, लेकिन क्षेत्र के लोगों को महज 15 दिन ही पानी मिल सका। पेयजल विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान भूपेंद्र सिंह पोखरिया ने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर योजना का कार्य शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करेंगे।