पिथौरागढ़। उद्यान युगपतिकरण योजना के तहत इस जिले में आम और लीची के 12 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य तय किया गया है। ग्राम पंचायत गोगना के डुकाड़ा गांव से इसकी शुरुआत कर दी गई है। मटेला ग्राम पंचायत के किनीगाड़ में भी आम और लीची के पौधे रोपे जाएंगे। जिले के घाटी वाले इलाकों का चिन्हीकरण कर दिया गया है। यह भी कहा गया है कि अगले पांच साल में आम और लीची में फल आने लगेंगे। साथ ही एक हजार पौधों से 20 लाख रुपये तक की सालाना की आमदनी हो सकती है।
मुख्य विकास अधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि इस बार आम और लीची के छह-छह हजार पौधे रोपे जाएंगे। जिला उद्यान अधिकारी डा. मीनाक्षी जोशी ने कहा कि फलों की बिक्री का कोई संकट नहीं है। इस समय फलों को मैदान की मंडियों से मंगाना पड़ता है। पहाड़ पर आम और लीची कुछ देर से तैयार होती है। इसकी आफ सीजन में अच्छी कीमत मिल जाएगी।
जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी ने कहा कि पौधरोपण के लिए स्कूली बच्चों, आम ग्रामीणों को प्रेरित करने की जरूरत है। इस मौके पर विण के खंड विकास अधिकारी श्याम चंद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. जीएस धामी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान तथा अन्य लोग उपस्थित थे।