पिथौरागढ़। नैनीसैनी हवाई पट्टी से अगले 10 दिन में नियमित हवाई उड़ान शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही उड़ान में बाधक बन रहे तीन मकानों का एरोनॉटिकल सर्वे भी किया जाएगा। सर्वे के आधार पर ही बाधक बन रहे मकानों के ऊपरी हिस्से को तोड़ने या फिर उन्हें शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित उड़ान शुरू करने को लेकर प्रदेश सरकार ने हेरिटेज एविएशन कंपनी के साथ करार किया था। नैनीसैनी एयरपोर्ट में एटीसी, फायरब्रिगेड, सुरक्षा गार्ड सहित पूरे स्टाफ की तैनाती कर दी थी। हवाई पट्टी से सटे पांच मकानों में विशेष रंगों से पुताई भी की गई थी। आठ अक्तूबर को ट्रायल लैंडिंग हुई थी। इसके दूसरे दिन नौ अक्टूबर को भाजपा के केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा और पूर्व सीएम भगत कोश्यारी ने ट्रायल लैंडिंग का शिलान्यास किया था, लेकिन डीजीसीए ने हवाई पट्टी के निकट बने तीन मकानों को बाधक बताते हुए लाइसेंस जारी नहीं किया।
इसके बाद एयरपोर्ट में तैनात पूरा स्टाफ लौट गया था। आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद डीजीसीए से नियमित उड़ान शुरू करने को लेकर लाइसेंस जारी किया। अब लैंडिंग में बाधक बन रहे मकानों का अभी एक एरोनॉटिकल सर्वे होना है। यह सर्वे एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से होगा। इसके बाद ही बाधक बन रहे मकानों के ऊपरी हिस्से को तोड़ने या पूरे भवनों को हटाने पर निर्णय होगा।
डीजीसीए ने लाइसेंस जारी कर दिया है। नैनीसैनी हवाई पट्टी से दस दिनों के भीतर उड़ान शुरू हो जाएगी। हवाई पट्टी की अभी एयरोनॉटिकल सर्वे होना है। एयरपोर्ट अथॉरिटी यह सर्वे कराएगा। बाधक बन रहे मकानों के ऊपरी हिस्से तोड़े जाएंगे।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री उत्तराखंड।