गंगोलीहाट/अस्कोट/थल/गणाईगंगोली। हाट कालिका की रामलीला में शनिवार को सूर्पणखा के नाक, कान कटने से सीता हरण तक की लीला दिखाई गई। राक्षसों के पदार्पण से पहले मंच पर मां काली का सुंदर दृश्य दिखाया गया। मां काली और भगवान शंकर का सजीव मंचन देख दर्शक जय-जयकार कर उठे। मुख्य अतिथि रिटायर्ड आईएएस मोहन चंद्र उप्रेती थे।
अस्कोट में राम वनवास का मंचन किया गया। वनवास के सुंदर संवादों से लोगों का दिल मोह लिया। मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मी उपाध्याय, विशिष्ट अतिथि ईश्वरी दत्त पंत थे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष होशियार पाल ने सभी का आभार जताया।
थल की रामलीला में कुंभकरण, मेघनाद वध, सुलोचना सती तक की लीला दिखाई गई। मुख्य अतिथि उत्तराखंड पर्यटन परिषद के निदेशक नरेंद्र क्वीरियाल, बेड़ीनाग की ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी थीं।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवराज सत्याल ने सबका आभार जताया। गणाईगंगोली की रामलीला में वनवास की लीला दिखाई गई। केवट राम, लक्ष्मण, सीता को सरयू पार कराते हैं। सुमंत वापस अयोध्या लौट जाते हैं।
बेड़ीनाग में लव-कुश का मंचन
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। श्री नागदेव रामलीला कमेटी की ओर से लव-कुश का मंचन किया गया। इसमें अयोध्या दरबार से लवकुश जन्म तक की लीला दिखाई गई। राम की भूमिका में मनीष पंत, लक्ष्मण सुंदर मनराल, सीता राजेश पंत, धोबी जगदीश बिष्ट, धोबिन दीपक डोबाल, लव सौरभ उप्रेती, कुश लक्ष्य रौतेला थे। पंकज पंत के निर्देशन में मंचन किया जा रहा है। पात्रों का मेकअप अध्यक्ष बलवंत धानिक, प्रेम लाल शाह कर रहे हैं। मंचन में राजेश कार्की, दीप बिष्ट, देवेंद्र लाल, मदन पंत, महेश पंत, ललित बाफिला, मनीष पंत, राजेश पंत, मनोज रावत, रत्नाकर पांडेय आदि सहयोग कर रहे हैं। ब्यूरो