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किसानों ने मौन जुलूस निकाला

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पिथौरागढ़। किसानों के कर्ज माफ करने, मृतक किसान के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने, सूखा राहत की राशि देने की मांग को लेकर बुधवार को किसान संगठन के बैनर तले किसानों ने मौन जुलूस निकाला और कुछ देर तक धरना दिया। किसान संगठन ने ऐलान किया कि 17 जुलाई को जिला मुख्यालय में इस मुद्दे को लेकर बड़ा जुलूस निकाला जाएगा।
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किसान संगठन के अध्यक्ष सुभाष जोशी ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के खिलाफ हैं। इसी वजह से पहली बार उत्तराखंड में किसानों को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार राहत राशि की घोषणा तो करती है लेकिन प्रभावित किसानों तक वह राशि कभी नहीं पहुंच पाती। किसान संगठन के मंत्री जगदीश प्रसाद ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर अब लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी। अगले चरण में क्रमिक अनशन भी शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस मामले में अन्य जिलों के किसान संगठनों से भी संपर्क साधा जा रहा है। किसानों की समस्या को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा। मौन जुलूस में बलवंत सिंह, शंकर राम कोहली, चंचल सिंह, प्रेम कुमार, भुवन सिंह, कुंडल सिंह, रमेश चंद्र आदि किसान शामिल हुए।
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सुरेंद्र के परिजनों को सीएम राहत कोष से मदद नहीं मिली
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। इस तहसील के डोलडुंगरी गांव में आत्महत्या करने वाले किसान सुरेंद्र सिंह के परिजनों को अब तक मुख्यमंत्री राहत कोष से कोई मदद नहीं मिली है। सिर्फ जिलाधिकारी ने अपने स्तर से पीड़ित परिवार को समाज कल्याण के माध्यम से 20 हजार रुपये की राशि दी है। जिलाधिकारी सी रविशंकर का कहना है कि किसान सुरेंद्र सिंह के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने संबंधी प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। अब तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। तहसीलदार रघुवीर सिंह ने बताया कि सुरेंद्र सिंह के परिजनों को सरकारी मदद के तौर पर 20 हजार रुपये मिले हैं।
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