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दुबई में फंसे लोगों की मदद को आगे आए बेड़ीनाग के गिरीश

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पिथौरागढ़। बेड़ीनाग के बरसायत गांव निवासी गिरीश पंत दुबई में मुसीबत में फंसे लोगों की मदद को आगे आए हैं। वे अब तक विभिन्न देशों के मुसीबत में फंसे 800 से अधिक लोगों को अपने-अपने देशों में भेजने में मदद कर चुके हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से उन्हें राष्ट्रपति की ओर से प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। वे यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्तराखंड और दिल्ली के अकेले युवा हैं।
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दुबई से मोबाइल पर वार्ता करते हुए गिरीश पंत (45) ने बताया कि उनके पिता नंदा बल्लभ पंत पुत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लक्ष्मी दत्त पंत पूर्व में बागेश्वर में शिशु मंदिर में आचार्य थे। बरसायत गांव से करीब 50 वर्ष पूर्व वे दिल्ली चले गए और छोटी सी दुकान खोली। उन्होंने बताया कि करीब 11 वर्ष पूर्व वे नौकरी करने यूएई गए। पिछले एक वर्ष से वे अपना बिजनेस कर रहे हैं।
गिरीश पंत के मुताबिक विदेश में फंसे लोगों का दर्द उनसे देखा नहीं गया । भारत के विभिन्न प्रांतों के साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, फिलीपींस, श्रीलंका, जर्मन, रूस आदि जगहों के, मानव तस्करी के शिकार, धोखाधड़ी के जाल में फंसे 800 से अधिक लोगों की मदद कर उन्हें अपने देशों में वापस भिजवा चुके हैं। वर्ष 2015 में एक बस में 11 भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक फंस गए थे। उन्हें खाना तक नसीब नहीं हो पा रहा था। उन्होंने यूएई की सरकार से वार्ता कर फंसे नागरिकों को वापस भिजवाया।
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विदेश में फंसे नागरिकों की मदद के लिए उन्हें वर्ष 2018 में न्यूयार्क की ओर से इंटर यूथ लीडर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस वर्ष 23 जनवरी को वाराणसी में उन्हें प्रवासी भारतीय अवार्ड दिया गया। वे इस सम्मान को प्राप्त करने वाले उत्तराखंड और दिल्ली के पहले युवा हैं। वे काउंसलर जनरल ऑफ इंडिया दुबई की दो कमेटियों के भी इंचार्ज हैं। उन्हें बिजनेस कम्यूनिटी इंडिया क्लब ने चेयर पर्सन ऑफ द ईयर के सम्मान से भी नवाजा है। गिरीश पंत के मुताबिक बरसायत के बजेत में उनके चाचा राधेश्याम पंत रहते हैं। गांव में पिंगलनाथ का मंदिर बन रहा है। अक्टूबर में संभव होगा तो वे गांव के मंदिर में होने वाली पूजा में हिस्सा लेंगे।
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