पिथौरागढ़। महिला अपराधों के खिलाफ तमाम जागरूकता अभियान चल रहे हैं। सीमांत जिले में इन अभियानों के बाद भी महिला अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। पुलिस महिला हेल्पलाइन से मिले आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं।
पुलिस विभाग के मुताबिक जिले में इस वर्ष महिला अपराध संबंधित 154 मामले दर्ज हुए। अधिकांश मामले पति और पत्नी के आपसी विवाद के थे। राहत की बात यह है कि 70 फीसदी मामले सुलह-समझौते के आधार पर निपटे और कई घर बिखरने से बच गए।
पुलिस हेल्पलाइन से मिले आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 से अब तक महिला अपराध संबंधी 154 मामले सामने आए। अब तक 146 मामलों का निस्तारण किया गया है और आठ मामले लंबित हैं। अधिकांश मामले पति और पत्नी के विवाद से संबंधित हैं। पुलिस ने अधिकांश मामलों का पति और पत्नी की काउंसलिंग कर निस्तारण करते हुए परिवार टूटने से बचाया है।
पुलिस के मुताबिक 102 महिलाओं का काउंसलिंग के बाद घर टूटने से बचा है। 44 मामले ऐसे हैं जिनमें पति और पत्नी के बीच समझौता नहीं हो सका और इन्हें न्यायालय में जाने की सलाह दी गई है। ये सभी मामले न्यायालय में चल रहे हैं।
पति-पत्नी के बीच मारपीट के 18 मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक एक साल में पति और पत्नी के बीच मारपीट के 18 मामले दर्ज हुए। सभी मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कर संबंधित महिला को सुरक्षा प्रदान की गई। इन सभी मामलों पर पूरे साल पुलिस की नजर रही। समझौते के बाद किसी भी महिला के खिलाफ हिंसा का मामला सामने नहीं आया।
कोट
महिला हेल्पलाइन में दर्ज मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस गंभीरता से काम कर रही है। महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता में शामिल है। -रेखा यादव, एसपी, पिथौरागढ़