पिथौरागढ़। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश के बाद भी अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति न मिलने से अतिथि शिक्षकों में नाराजगी है। अतिथि शिक्षक संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कैलाश कोरंगा ने कहा है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों को सेवा में नहीं ले रही है।
अतिथि शिक्षकों की तैनाती से शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य सुचारु होता, लेकिन सरकार की मंशा इस पर भारी पड़ रही है। कोरंगा ने कहा कि 19 जनवरी से पूरे राज्य में सेवारत शिक्षकों का प्रशिक्षण होना है। इससे सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और चरमराएगी।
कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने 4 जनवरी को दिए फैसले में स्थिति यथावत रखने के आदेश दिए हैं। इस मामले को दो फरवरी को देहरादून के दौरे पर आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने उठाया जाएगा। उसके बाद भी तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन छेड़ने के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।