पिथौरागढ़। मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने बीएडीपी, जिला योजना, राज्य योजना, केंद्रीय योजना से संचालित विकास कार्यों के साथ ही बीस सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा की। मुख्य विकास अधिकारी ने धन खर्च करने में फिसड्डी विभागों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि 20 दिसंबर तक अवशेष कार्यों को पूरा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही उनके खिलाफ शासन को संस्तुति पत्र प्रेषित किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान पेयजल निर्माण निगम द्वारा काफी धीमी गति से कार्य करने का मामला सामने आया। मुख्य विकास अधिकारी ने परियोजना प्रबंधक पेयजल निर्माण निगम को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति करने का निर्णय लिया। बैठक में कई विभागों से भेजे गए प्रतिनिधि विकास कार्यों के बारे में सही जानकारी नहीं दे सके। सीडीओ ने ऐसे विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और सही प्रति उत्तर न मिलने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बीएडीपी के अंतर्गत कार्यदायी संस्था जिला पंचायत द्वारा 9 कार्यों में से एक भी कार्य पूरा न करने पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को प्रत्येक दशा में 20 दिसंबर तक समस्त कार्यों को पूरा कर उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बीएडीपी के कार्यों के स्थलीय सत्यापन के लिए दिसंबर में भारत सरकार की टीम जिले में पहुंच रही है। इससे पूर्व इन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा किया जाना है। 15 दिसंबर तक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध करानी है। सीडीओ ने जिला योजना, राज्य और केंद्रीय योजनाओं की धनराशि को 15 फरवरी 2019 तक प्रत्येक दशा में व्यय करने के निर्देश दिए।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी गणेश चंद ने बताया कि जिला योजना में अवमुक्त धनराशि 24 करोड़ 98 लाख 57 हजार में से 15 करोड़ 62 लाख कुल 62.50 प्रतिशत धनराशि व्यय कर दी गई है। राज्य योजना में 67.29 प्रतिशत और केंद्रीय योजना में 70.83 प्रतिशत धनराशि व्यय कर दी गई है। बीस सूत्री कार्यक्रम में 24 मदों में से बीस मदों में ए श्रेणी, एक मद में बी, एक मद में सी और दो मद में जिला डी स्थान पर है।