पिथौरागढ़। नगरपालिका के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय उम्मीदवार व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर महर ने राजनीतिक दलों के लिए भविष्य में खतरे की घंटी बजा दी है। उन्हें चुनाव में न केवल अपने संघर्षों का लाभ मिला, बल्कि आर्थिक समानता मंच के बैनर तले पुरजोर तरीके से आरक्षण एक्ट के विरोध का भी फायदा मिला।
स्थानीय कुमौड़ गांव निवासी शमशेर महर पूर्व सैनिक कमांडो रहे हैं। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने टनकपुर रोड पर वाहनों के पार्ट्स की दुकान खोली। साथ ही व्यापार संघ में भी प्रवेश किया। शुरुआत में जन मुद्दों को लेकर शमशेर काफी आक्रामक हुए। व्यापार संघ के दूसरे कार्यकाल में धनबल के बावजूद उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। हमेशा व्यापारियों के हितों पर संघर्ष करने वाले शमशेर ने जातिगत आरक्षण का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने इस मामले में कई दिनों तक गांधी चौक पर आंदोलन भी किया।
बाद में वह मुखर होकर एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में खड़े हुए। आर्थिक समानता मंच के बैनर तले उन्हें कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिला। पालिका चुनाव में मामूली धनराशि व्यय करने के बावजूद उन्होंने भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों की नींद उड़ा दी। उन्होंने कांग्रेस को पीछे धकेलते हुए 5096 मत प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। चुनाव में भाजपा को जहां एकजुटता का लाभ मिला, वहीं कांग्रेस पूरी तरह खेमों में बंटी आई।