पिथौरागढ़। माह अगस्त के प्लान ऑफ एक्शन में दिए गए निर्देशों के तहत बृहस्पतिवार को जिला न्यायालय के सभाकक्ष में गोष्ठी आयोजित कर एसिड अटैक से संबंधित अपराध की जानकारी दी गई। बताया गया कि सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में एसिड अटैक पीड़ित का निशुल्क उपचार करने का प्रावधान है। कोई भी अस्पताल एसिड अटैक के पीड़ित का इलाज करने से इंकार नहीं कर सकता।
जिला जज राजेंद्र जोशी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/सिविल जज सीनियर डिविजन मनोज कुमार द्विवेदी, सिविल जज जूनियर डिविजन अकरम अली, पुलिस उपाधीक्षक शेखर सुयाल, सहायक अभियोजन अधिकारी सुनीता भट्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों की हितों के लिए बनाए गए नियमों, उच्चतम न्यायालय के आदेशों की जानकारी दी। कहा कि बगैर अनुमति के एसिड की बिक्री नहीं की जा सकती है। एसिड अटैक पीड़ित को तीन लाख रुपये तक का प्रतिकर दिए जाने का प्रावधान है।
डॉक्टर जेसी गढ़कोटी, डॉ. मयंक बिष्ट ने एसिड अटैक पीड़ित के प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जिला जज राजेंद्र जोशी ने की। रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव एमसी पंत, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रेनू ठाकुर, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य लक्ष्मी भट्ट, परिवार कल्याण समिति के सदस्य जगदीश कलोनी ने विचार रखे।