पिथौरागढ़। जीआईसी बलुवाकोट में छात्राएं अब भी खुले में शौच करने को विवश हैं। हालांकि, मुख्य विकास अधिकारी ने बीते दिनों विद्यालय का भ्रमण कर छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था का भरोसा दिलाया है।
क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की समस्याओं को देखते हुए वर्ष 1984 में इंटर कॉलेज बनाया गया। विद्यालय में शिक्षकों के पद रिक्त होने से छात्रसंख्या लगातार गिर रही है। दो वर्ष पहले तक विद्यालय की छात्रसंख्या 750 थी, जो अब घटकर 500 रह गई है। बच्चों की पढ़ाई के लिए कई परिवार हल्द्वानी और पिथौरागढ़ में बस चुके हैं। पिछली सरकार ने विद्यालय भवन के लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इस धनराशि से भवन बनाकर छह कक्ष बनाए। इनमें से दो कक्ष प्रयोगशाला के लिए, जबकि एक प्रधानाचार्य कक्ष है।
तीन अन्य कक्षों में छह, सात और आठ की कक्षाएं चलती हैं। इंटर की कक्षाएं अब भी पुराने भवन के छोटे कक्षों में चलती हैं। इनमें से दो कक्ष बारिश में टपकते हैं। विद्यालय में दो छोटे शौचालय हैं। इनमें से एक में ताला लटका रहता है, जबकि दूसरा गंदगी से पटा है। इसके चलते छात्राओं को खुले में शौच करना पड़ता है। पिछले दिनों सीडीओ वंदना ने विद्यालय का निरीक्षण कर गंदगी पर नाराजगी जताई थी।
पीटीए अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने विद्यालय में सुविधायुक्त शौचालय बनाने की मांग उनके समक्ष रखी। इस पर सीडीओ ने शौचालय बनाने का भरोसा दिलाया। प्रधानाचार्य हरिशंकर आर्या का कहना है कि उन्होंने निजी संसाधनों से शौचालय की सफाई कराई।
इन विषयों के नहीं हैं शिक्षक
इंटर : हिंदी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र और भूगोल
हाईस्कूल : गणित, कला, हिंदी