पिथौरागढ़। निगमों के किसी भी आवास गृह को पीपीपी मोड में नहीं देने समेत नौ सूत्री मांगों को लेकर केएमवीएन संयुक्त कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। दो घंटे तक रसोई गैस की आपूर्ति ठप रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
महासंघ के आह्वान पर जिले भर के केएमवीएन कर्मी कार्य बहिष्कार पर रहे। इंडेन गैस कार्यालय के पास कर्मियों ने प्रदर्शन किया। महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि सरकार की निगम विरोधी नीति के खिलाफ कर्मचारियों में आक्रोश है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि निगमों के आवास गृहों को पीपीपी मोड में देने की तैयारी की जा रही है। कहा है कि निगमों के घाटे में जाने के कारणों की समीक्षा की जानी चाहिए। आवास गृहों की मरम्मत कर उन्हेें उच्चीकृत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि एक तरफ सरकार पलायन रोकने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
कार्य बहिष्कार के दौरान कर्मियों ने कैलाश यात्रा मार्ग गुंजी, बूंदी, कालापनी, नाबीढांग, डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, बेरीनाग, थल गंगोलीहाट, पातालभुवनेश्वर, बिर्थी आदि जगहों पर पौधरोपण कर पर्यावरण को बचाने का भी संकल्प लिया। इस मौके पर ऊषा राना, मंजू महर, सुनीता कुंवर, अंजना मेहता, पुष्पा धामी, तुलसी दवेे, सरोज, दयाल सिंह रावत, महेश कांडपाल, दिवान सिंह बिष्ट, त्रिभुवन, आनंद पाठक, गिरीश पांडेय, प्रताप नाथ, दिवाकर ठकुराठी, भूपेश मनौला, कौशल समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।