नाचनी (पिथौरागढ़)। एसडीएम केएन गोस्वामी ने तेजम तहसील में ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। एसडीएम ने तेजम और बरा में पुष्टाहार वितरित न होने की जांच कराने की बात कही है।
शिविर में लोगों ने तेजम तहसील की अव्यवस्थाओं का मामला उठाया। कहा कि 26 नवंबर 2016 को तेजम को तहसील का दर्जा दिया गया, लेकिन अब तक तहसील में स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है। कहा कि तेजम तहसील में नियुक्त 2 लिपिकों में से एक को पिथौरागढ़ संबद्ध कर दिया गया है।
एक नाजिर मुनस्यारी तहसील में सेवा दे रहे हैं। एक लिपिक वीरान पटवारी चौकी में स्थापित तहसील में नियुक्त है, जहां बिजली, पानी, फर्नीचर, इंटरनेट, कंप्यूटर एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। तहसील खुलने के 21 माह बाद भी लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए 50 से 75 किमी दूर मुनस्यारी जाना पड़ता है। एसडीएम ने कहा कि इस मामले में डीएम के माध्यम से सरकार को पत्र भेजा जाएगा। प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल आदि जन सुविधा केंद्रों से प्राप्त कर सकते हैं।
तेजम गांव में चार माह और बरा गांव में एक वर्ष से बाल पुष्टाहार वितरण न होने की शिकायत आई। बाल विकास परियोजना अधिकारी कला राणा ने बताया कि वह 9 माह से मेडिकल अवकाश पर थीं। एक अगस्त से सेवा दे रही हैं। पुष्टाहार वितरित न होने की जानकारी उन्हें नहीं है।
एसडीएम ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। पोस्ट ऑफिस को इंटरनेट सेवा से जोड़ने की मांग लोगों ने उठाई। एसडीएम ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को आपदा से खतरे में आए आवासीय भवनों की सुरक्षा के लिए दीवारों का निर्माण करने के निर्देश दिए। इस दौरान खंड विकास अधिकारी अशित आनंद, तहसीलदार ललित मोहन तिवारी आदि थे।