पिथौरागढ़। रेडक्रास समिति की पहल पर जब केशर सिंह सात साल बाद अपने परिजनों से मिले तो उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। परिजन और वह एक-दूसरे के गले मिलकर जमकर रोये। मानसिक रूप से कमजोर केशर सिंह दिल्ली में एक ढाबे पर बर्तन साफ कर गुजर-बसर कर रहे थे।
ग्राम सावली सेरा पोस्ट विनायक तहसील डीडीहाट निवासी केशर सिंह सात साल पहले आजीविका की तलाश में दिल्ली चले गए। इस बीच परिवार से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। 18 जुलाई को रेडक्रास समिति के प्रशिक्षक बासु पांडेय और मनीष कसनियाल दिल्ली लाल किले के पास एक चाय की दुकान पर बैठे थे। उनकी बातचीत को सुन चाय व्यापारी मनोज कुमार ने बताया कि वह केशर सिंह को जानते हैं। फिलहाल वह अभी बाहर गए हैं।
मनोज कुमार, बासु और मनीष ने अपने-अपने नंबरों का आदान-प्रदान कर उनके बारे में पूछताछ जारी रखी। बाद में जानकारी मिलने पर सावली सेरा के प्रधान सोबन सिंह पानू से संपर्क किया गया। परिजनों ने उनके जीवित होने की उम्मीद छोड़ दी थी। परिवार भी सावलीसेरा से ऊधम सिंह नगर के गूलरभोज में शिफ्ट हो गया। मनीष ने केशर सिंह के बारे में पूरी जानकारी जुटाते हुए उन्हें परिवार से मिलाने का वादा किया।
उन्होंने मनोज कुमार से संपर्क कर केशर सिंह को किसी भी तरह रुद्रपुर तक भिजवाने का आग्रह किया। मनोज ने केशर सिंह को रुद्रपुर भिजवाया। शनिवार सुबह गूलरभोज से केशर के परिजन रुद्रपुर बस स्टेशन पहुंचे और उन्हें अपने साथ लेकर घर गए। प्रधान पानू, केशर सिंह के बेटे अशोक सिंह, भाई मोहन सिंह, चाय व्यापारी मनोज कुमार ने बासू और मनीष के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कहा कि उन्होंने बिछड़े परिवार को मिलाया।