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आयुश विंग के चिकित्सक के भरोसे चल रहा गौचर अस्पताल

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थल (पिथौरागढ़)। थल तहसील की 110 गांवों की जनता की स्वास्थ्य देखभाल के लिए खोला गया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौचर आयुष विंग के चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। आयुर्वेदिक चिकित्सक को एलोपैथिक दवा लिखने का अधिकार न होने के कारण लोगों अस्पताल का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में तैनात फार्मेसिस्ट भी एक सप्ताह से अवकाश पर है।

वर्ष 2000 में गौचर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई। अस्पताल में रोज 40 से 45 मरीज आते हैं। व्यवस्था का आलम देखिए, अस्पताल में तीन महीने से प्रभारी चिकित्साधिकारी का पद रिक्त है। संविदा पर एक चिकित्सक यहां तैनात थे, वह भी फरवरी माह से प्रशिक्षण पर गए हुए हैं। अस्पताल में आयुष विंग के डॉक्टर भूपेश मर्तोलिया तैनात हैं। एलोपैथिक दवा लिखने का अधिकार न होने के कारण उनकी तैनाती का कोई खास लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल का जरनेटर खराब पड़ा है। बिजली जाने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। पीने के पानी तक का इंतजाम अस्पताल में नहीं है। बताया गया कि अस्पताल में वर्ष 2008 से आयरन टेबलेट नहीं आ रही है। कैल्शियम की गोली नहीं मिल रही है। एनटी रैबीज का इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं है।
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बुधवार को दोपहर 12 बजे जब अमर उजाला की टीम अस्पताल मे पहुंची तो पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची हुपली निवासी जानकी चुफाल (35) को वार्ड ब्वाय दवा दे रहे थे। डायरिया से पीड़ित गूटी निवासी लक्ष्मी देवी (45) को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था।

पदों की स्थिति
अस्पताल में तीन चिकित्सकों के स्थान पर मात्र एक चिकित्सक तैनात है। दो फार्मेसिस्टों के स्थान पर एक ही तैनात है, दो के स्थान पर एक वार्डब्वाय है। दो नर्स के स्थान पर एक तैनात है।
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कोट
गौचर अस्पताल में जल्द मेडिकल आफीसर की तैनाती होगी। जिले के लिए डॉक्टरों का आवंटन हो रहा है। अस्पताल की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाया जाएगा। -विशन सिंह चुफाल विधायक डीडीहाट
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