धारचूला (पिथौरागढ़)। नजंग, गर्वाधार, मालपा को जाने वाला पैदल रास्ता तीन दिसंबर से बंद होने संबंधी आदेश के बाद मौसमी प्रवास पर आने वाले अब काफी जल्दी में हैं। वह तीन दिसंबर से पहले अपने पालतू जानवरों और अन्य सामान को पैदल रास्ते से पार कराने की चिंता में हैं।
डीएम सी रविशंकर ने आदेश दिया है कि गर्वाधार और मालपा के बीच सड़क निर्माण का काम चलने के कारण पैदल रास्ता बंद किया जाएगा। पैदल रास्ते पर सड़क निर्माण का मलबा और पत्थर गिरने का खतरा होने के कारण इस मार्ग पर आवाजाही रोकी जाएगी।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित गांवों के लोग शीतकालीन प्रवास पर घाटियों में आ जाते हैं। वह छह माह तक घाटियों में ही रहेंगे। अप्रैल से उनकी वापसी शुरू होगी। प्रशासन ने तीन अप्रैल के बाद ही पैदल रास्ते से आवाजाही शुरू करने का फैसला लिया है।
इस अवधि में लोक निर्माण विभाग क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते को दुरुस्त कर लेगा। इस बार प्रशासन की ओर से दिखाई गई चुस्ती और सड़क निर्माण कर रहे सीमा सड़क संगठन के प्रयास से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल तक नजंग से मालपा तक सड़क निर्माण का काम पूरा हो जाएगा।
इसकी लंबाई 12 किलोमीटर है। दूसरी तरफ गुंजी से कालापानी तक सड़क पहले से तैयार है। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल 2018 तक चीन सीमा तक सड़क पहुंच जाएगी। नजंग के पास गर्वाधार तक धारचूला से सड़क बनी है।
यदि कालापानी तक सड़क का काम पूरा हो जाता है तो धारचूला से चीन सीमा तक वाहन चलने लग जाएंगे। अब देखना है कि इतनी कोशिश में सीमा सड़क संगठन कितनी तेजी से काम कर पाता है।