पिथौरागढ़। मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों के रोजाना तीन घंटे के कार्य बहिष्कार के कारण आम लोग परेशान होने लगे हैं। ग्रामीण अंचलों से लोग सरकारी काम के लिए सुबह 11 बजे कार्यालयों में पहुंचते हैं, लेकिन तब तक कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर जा चुके होते हैं।
कार्य बहिष्कार दोपहर दो बजे तक चल रहा है, तब ग्रामीण अंचलों के लोग घरों को लौट जाते हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर सभी विभागों के कर्मचारी इस कार्य बहिष्कार में शामिल हैं। बुधवार को कर्मचारियों ने एक बार फिर प्रदर्शन किया और तत्काल मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
इससे पूर्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष केसी पंत की अध्यक्षता और मंत्री दिनेश उपाध्याय के संचालन में हुई सभा में कहा गया कि यदि 30 नवंबर तक मांगें पूरी नहीं हुई तो एक दिसंबर से बेमियादी हड़ताल शुरू हो जाएगी।
सभा में बसंत पांडे, राजेंद्र कुमार, प्रदीप भट्ट, घनश्याम जोशी, प्रयाग सिंह फर्स्वाण, विक्रम नेगी, केएस बिष्ट, विजेंद्र लुंठी, चेतन प्रकाश पांडे, नकुल महर आदि ने विचार रखे। बृहस्पतिवार को कर्मचारियों की अगली रणनीति तय करने के लिए बैठक होगी।