पिथौरागढ़। सीमांत जिले में रोडवेज बस सेवा पटरी पर नहीं आ पा रही है। खराब बस निगम के साथ ही यात्रियों की दिक्कत बढ़ रही हैं। इंजन में खराबी से 15 बसें टनकपुर और पिथौरागढ़ वर्कशॉप में खड़ी हैं इससे यात्री बेबस हैं। खराबी को दूर करने के लिए स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं।
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में वर्तमान में 73 बस शामिल हैं। दो महीने पहले इंजन में खराबी के चलते सात बस टनकपुर तो आठ बस पिथौरागढ़ वर्कशॉप में खड़ी हो गईं। लंबे समय बाद भी इन बसों की खराबी को दूर नहीं किया जा सका है। ऐसे में सड़कों पर बसों की कमी से यात्रियों के साथ ही निगम परेशान है। डिपो बसों में खराबी को दूर करने के लिए जरूरी स्पेयर पार्ट्स की निगम को मांग कर चुका है लेकिन ये नहीं मिल रहे। ऐसे में डिपो के लिए बसों की खराबी को दूर कर इन्हें फिर से सड़कों पर दौड़ाना चुनौती बन गया है। बसों के ऑफरूट होने पर यात्रियों को टैक्सी के भरोसे सफर करना पड़ रहा है तो इससे निगम की आय भी प्रभावित हो रही है। स्पेयर पार्ट्स कब मिलेंगे और बसों की खराबी कब दूर होगी इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है। संवाद
पिथौरागढ़ पहुंची पांच नई बसें
पिथौरागढ़। वर्ष 2019 के बाद पिथौरागढ़ डिपो को एक भी बस नहीं मिली। ऐसे में पुरानी खटारा बसों को सड़कों पर दौड़ाना डिपो की मजबूरी बन गया था जो आए दिन यात्रियों को धोखा दे रही थीं। पांच साल बाद डिपो को बीते दिनों आठ नई बसें मिलीं। बुधवार को पांच अन्य नई बसें पिथौरागढ़ पहुंचने से डिपो के साथ ही यात्रियों को राहत मिली है। अब डिपो के बेड़े में शामिल बसों की संख्या 73 पहुंच गई है।
कोट
बसों की खराबी को दूर करने के लिए स्पेयर पार्ट्स की जरूरत है इनकी मांग की गई है। डिपो को फिर से पांच नई बसें मिली हैं। बसों की कमी नहीं है और डिपो यात्रियों की सुविधा का पूरी तरह से ध्यान रख रहा है। - दीपक ज्याला, फोरमैन, पिथौरागढ़ डिपो।