मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर 15 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर पातो गांव पहुंचे अपर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने खुद इस बात को महसूस किया किया कि लोग कितने कष्ट झेलकर अपने गांव पहुंचते हैं। पातो गांव जाने वाला रास्ता इतना खराब है कि यदि थोड़ा संतुलन बिगड़ा तो सीधे गोरी में गिरने का खतरा रहता है। श्री ह्यांकी सोमवार की रात पातो गांव पहुंचे। मंगलवार सुबह उन्होंने गांव की समस्याओं को लेकर बैठक ली। कहा कि दो माह के भीतर पातो गांव के लिए सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। पैदल रास्तों की मरम्मत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस गांव के लिए जितनी भी घोषणाएं की हैं उन सभी का समाधान होगा।
लोगों ने अपर सचिव का परंपरागत तरीके से स्वागत किया। बाद में कई समस्याएं उनके सामने रखी। इनमें संचार की सुविधा देने, मनरेगा के रुके हुए धन का भुगतान करने, इंदिरा आवासों का आवंटन करने, पेंशन से वंचित लोगों को सुविधा देने, दैवीय आपदा मद से प्रस्तावित काम करने जैसे मुद्दे उठाए गए। पातो गांव से लोग शीतकालीन प्रवास पर जाते हैं लेकिन इस बार अपर सचिव के आने की सूचना पर गांव के अधिकांश लोग माइग्रेशन पर नहीं गए हैं। श्री ह्यांकी ने कहा कि अफसरों को गांव के लोगों की समस्या हल करने पर विशेष ध्यान देना होगा। उनके साथ लोनिवि के ईई पीसी जोशी, तहसीलदार खुशाल राम, बीडीओ श्याम चंद समेत अन्य अधिकारी थे। गांव में समाजसेवी ईश्वर सिंह नबियाल, ज्येष्ठ प्रमुख शांति नबियाल, प्रधान लक्ष्मण दरियाल ने उनका स्वागत किया। विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल ने मुख्यमंत्री की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांवों की समस्या हल करने में आसानी होगी। अब अफसरों को गांव जाने की आदत डालनी पड़ेगी।