आदि कैलाश यात्रा से दारमा वैली में बढ़ी चहल-पहल
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इस वर्ष एक मई से शुरू हुई आदि कैलाश यात्रा अब तक सुचारु रूप से चल रही है और अब तक कुल 70 हजार यात्रियों ने सफल यात्रा कर ली है। प्रधानमंत्री मोदी के 2023 में आदि कैलाश यात्रा में आने के बाद बाहरी यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा लाभ दारमा वैली को भी मिल रहा है। चार-पांच वर्ष पहले पूरे सीजन में मुश्किल से तीन से पांच हजार यात्री ही पहुंच पाते थे, लेकिन अब वर्तमान समय तक 15-20 हजार यात्रियों ने दारमा वैली के धार्मिक और पर्यटन स्थलों का दर्शन कर लिया है।
आदि कैलाश यात्रा में आने वाले बाहरी यात्री यात्रा के बाद दारमा वैली के प्रसिद्ध पंचाचुली शिखर, जीरो पॉइंट और चरखा हया आदि अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे हैं, जिससे ग्राम दांतू और ग्राम सौन दुगतू के स्थानीय ग्रामीणों और होम स्टे संचालकों को काफी आर्थिक लाभ मिल रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण अपने पुराने घरों का सुधारीकरण कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त कोटेज और होम स्टे बना रहे हैं।
होम स्टे संचालक मदन दताल, संजू जंग, गुड्डू जंग, अभिराज दताल, पानू दताल, कुलदीप दताल और मुकुल ग्वाल ने बताया कि दारमा वैली में बीआरओ द्वारा तवाघाट से सोबला और सोबला से ढाकर तक सड़क सुधारीकरण कार्य होने से एक मई से अब तक देश-प्रदेश के लगभग 15-20 हजार यात्री दारमा वैली पहुंच चुके हैं। पंचाचुली, जीरो पॉइंट और चरखा हया ट्रेक यात्रियों की पसंदीदा पयर्टन स्थल बन गए हैं।
दारमा वैली की यात्रा से लौटे देहरादून के मयूरेश पाल, अखिलेश पाल और जतिन राणा ने बताया कि जीरो पॉइंट से पंचाचुली शिखर के दर्शन मन को सुकून देने वाले होते हैं। उन्होंने दारमा वैली की सुंदरता की सराहना की। बाहरी यात्रियों और स्थानीय टूर ऑपरेटरों ने बताया कि जीरो पॉइंट में कुछ मीटर तक ही सीसी मार्ग बनी है। उन्होंने शासन-प्रशासन से पूरे मार्ग में सीसी मार्ग निर्माण की मांग की, जिससे यात्रियों को लगभग 12 किलोमीटर की पैदल ट्रेक में राहत मिल सके।