धारचूला में विद्युत कटौती से गुस्साए उपभोक्ता
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत तहसील धारचूला में पिछले तीन दिन से हो रही बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने सोमवार को विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। गर्मी के मौसम में आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारी भी बिजली कटौती से खासे परेशान हैं। अव्यवस्था से आक्रोशित व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सात जून तक व्यवस्था में सुधार नहीं आया तो भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय झूलापुल को बंद कर दिया जाएगा।
व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने बताया कि तीन जून से लोग विद्युत अव्यवस्था को झेल रहे हैं। यदि किसी समय दस मिनट के लिए बिजली आ भी गई तो फिर घंटों तक सप्लाई बंद रहती है। बताया गया है कि धारचूला के लिए बिजली पिथौरागढ़ से आती है। लंबी लाइन होने के कारण इसमें अक्सर खराबी आती रहती है। व्यापार संघ अध्यक्ष का कहना है कि धारचूला में धौलीगंगा पावर प्रोजेक्ट से 280 मेगावाट बिजली पैदा होती है और इसका 14 फीसदी उत्पादक क्षेत्र को मुफ्त देने का आदेश है। दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि पिथौरागढ़ जिले को बिजली कटौती से मुक्त रखा जाएगा, इसके बावजूद विभाग कोई सुधार नहीं ला पा रहा है। प्रदर्शन में व्यापार संघ महासचिव नवीन खर्कवाल, लक्ष्मी परमार, राजेश कुटियाल, प्रकाश गुंज्याल, राजेश कुटियाल, भीम सिंह रावत, जगदोव डोगरा, लक्ष्मण कौशल, श्याम खर्कवाल, जाकिर खान समेत तमाम लोग थे। विद्युत विभाग के ईई सीएस बसनेत का कहना है कि यह खराबी डीडीहाट और धारचूला के बीच की लाइन में आई है। इसे सुधारने के लिए टीम को भेजा गया है।