पिथौरागढ़। कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने पिथौरागढ़ पहुंचकर आईआरएस के अधिकारियों के साथ सीमांत क्षेत्र में आपदा से हुई क्षति एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को हर तरह की आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि जनपद में आने वाले तीन माह आपदा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि धारचूला, मुनस्यारी तहसीलों में अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही पेयजल, विद्युत आदि व्यवस्थाओं को बहाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने जिला स्तर पर जो माइक्रोप्लान आपदा के लिए तैयार किया गया है उसमें तत्काल कार्रवाई करते हुए लागू करने को कहा।
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि धारचूला के व्यास, दारमा आदि क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ की टीम भेजी गई। अर्द्धसैनिक बलों, आईटीबीपी, एवं एसएसबी की भी मदद ली जा रही है। आयुक्त ने संचार और बिजली सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी को खाद्यान्न की आपूर्ति के लिए गुंजी में राशन के भंडारण की उचित व्यवस्था करने को कहा। समीक्षा बैठक में सीडीओ वंदना सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।