मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। कीड़ाजड़ी (यारसागंबू) के विदोहन को लेकर फिर विवाद होने लगा है। रालम और पातों के सरपंच ने कीड़ाजड़ी के विदोहन को लेकर धमकी देने का मामला एसडीएम के सामने उठाया है। कीड़ाजड़ी के विदोहन को लेकर आपसी संघर्ष लगभग हर साल देखने को मिलता है।
रालम के वन पंचायत सरपंच पान सिंह दरियाल, पातों के सरपंच दीवान सिंह ज्येष्ठा के नेतृत्व में मुनस्यारी पहुंचे ग्रामीणों ने एसडीएम कृष्ण नाथ गोस्वामी से मुलाकात की। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि बुई गांव के लोगों द्वारा राजरंभा में कीड़ाजड़ी दोहन के लिए जाने पर जान से मारने की धमकी दी जी रही है।
कहा कि राजरंभा क्षेत्र के पानमर्झली और नदी पार के फोहर उडियार में कीड़ाजड़ी विदोहन की अनुमति देने के लिए चार मई को बुई, रालम, पातों गांवों में बैठक बुलाई गई थी, इसमें बुई के लोग शामिल नहीं हुए। बैठक में नहीं आने का कारण पूछने पर बुई के लोगों ने राजरंभा क्षेत्र में कीड़ाजड़ी के विदोहन के लिए जाने पर जान से मारने की धमकी दी।
इन लोगों ने एसडीएम को बताया कि चार वर्ष पहले भी कीड़ाजड़ी के विदोहन को लेकर बुई के लोगों ने पातों के लोगों के साथ मारपीट की थी। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र धकरियाल, बादल बोनाल, बहादुर ज्येष्ठा, दीपक कोरंगा, दीपक ज्येष्ठा आदि शामिल थे। एसडीएम गोस्वामी का कहना है कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।